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जगन्नाथ की जय जयकार से गूंज उठी कान्हा की नगरी, रथ खींचने की भक्तों में रही होड़

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कान्हा की जन्म और क्रीड़ा स्थली शनिवार शाम जय जगन्नाथ के जयघोषों से गूंज उठी। मथुरा में निकाली गई जगन्नाथ यात्रा में रथ को खींचने की भक्तों में होड़ देखी गई। जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया गया।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान से निकाली गई जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ शाम करीब छह बजे प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा व संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व माता सुभद्रा की आरती उतारकर किया।
उन्होंने भक्तों को प्रसाद रूपी आम का वितरण भी किया। इससे पूर्व मंदिर के सेवायतों द्वारा ठाकुर जी को रथ में विराजमान कराकर उनका शृंगार किया गया। शोभायात्रा में भगवान केशव देव, गौर-निताई व चैतन्य महाप्रभु की झांकियां चल रही थीं।

जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल हुए सैकड़ों भक्त1of2

भक्ति में डूबे नजर आए श्रद्धालु

उनके पीछे राधाकुंड-गोवर्धन व वृंदावन की कीर्तन मंडलियों में शामिल करीब 200 से अधिक साधु-संत अपनी ही धुन पर नृत्य कर रहे थे। सबसे अंत में चल रही गाड़ी पर भगवान का प्रसाद रूपी भात भक्तों को बांटा जा रहा था।

रथयात्रा दोबारा जन्मस्थान पहुंचकर संपन्न हुई। यहां स्वरूपों की आरती कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। वहीं होली गेट स्थित गौड़ीय मठ से भी रथयात्रा निकाली गई।

वहीं ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में रथयात्रा की पहली झांकी सुबह 10 बजे और अंतिम झांकी दोपहर डेढ़ बजे से ढाई बजे तक निकाली गई। इस दौरान ठाकुर जी ने रथ में विराजमान होकर जगमोहन में भ्रमण किया।

जगन्नाथ मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान

रथ खींचने की भक्तों में रही होड़मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि शनिवार को मंगल, ग्वाल व शृंगार के दर्शन यथावत हुए। मनोरथ के दौरान ठाकुर जी को आम-जामुन व घोड़ों को चने की दाल का प्रसाद लगाया गया। 

उत्थापन के दर्शन शाम साढ़े चार बजे से पांच बजे तक हुए। मंदिर के अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, महाप्रबंधक हरीश चतुर्वेदी, अमित चतुर्वेदी, सुरेश शर्मा, अजय भट्, ब्रजेश चतुर्वेदी, बनवारी लाल, आदि मौजूद रहे।

वृंदावन में शनिवार को परिक्रमा मार्ग जगन्नाथ घाट स्थित जगन्नाथ मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान हुए। सुबह नौ भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा के श्रीविग्रहों का अभिषेक किया गया। इसके बाद महाआरती हुई।

शाम को भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा के श्रीविग्रहों को वैदिक मंत्रोच्चरण के मध्य फूलों से सुसज्जित रथों में विराजमान कराया गया। इसके साथ ही रथ को मंदिर प्रांगण से नगर भ्रमण के लिए निकाला गया।
श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की आरती उतारकर पूजा-अर्चना की। रथयात्रा में भक्तजन भजनों की धुन एवं मृदंग की थाप पर नृत्य एवं संकीर्तन और छात्राएं डांडिया करती चल रही थीं। मंदिर के महंत भक्त जनों को प्रसाद वितरित करते चल रहे थे।

भक्ति में डूबे नजर आए श्रद्धालु

मथुरा में निकाली गई जगन्नाथ रथयात्रा
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