Mon. Jan 27th, 2020

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सरकार से मंजूरी ने मिलने पर किसानों को पौधा वितरण योजना अटकी

सहरसा,  किसानों को वन विभाग से पौधा उपलब्ध कराने की योजना फिलहाल अटकी दिख रही है। कृषि वानिकी योजना के तहत किसान को दस रुपये प्रति पौधा उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग ने प्रस्ताव मुुख्यालय भेजा था, लेकिन अभी तक प्रस्ताव पर स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में हरियाली लाने में मददगार योजना से किसान वंचित हो रहे हैं।

इस संबंध में वन प्रमंडल अधिकारी शशिभूषण झा ने बताया कि वन विभाग के स्टाक में अभी डेढ़ लाख पौधे तैयार हैंं, जिसमें से कृषि वानिकी कार्यक्रम के जिले में 84 हजार पौधा को किसानों के बीच वितरण किया जाना था। कृषि वानिकी योजना के तहत किसान को दस रुपये प्रति पौधा उपलब्ध कराने के लिए जिलावार लक्ष्य तक निर्धारित कर दिया गया। लेकिन अभी तक यह पौधे किसानों को मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता था। उन्होंने बताया कि पौधरोपण के लिए वर्षा ऋतु सबसे अनुकूल मौसम रहता है, जिसमें मिट्टी में काफी नमी रहने के कारण पेड़ पौधे आसानी से शीघ्र हरे भरे हो जाते हैं। झा ने बताया कि इस बार सम्पूर्ण बिहार में जल जीवन हरियाली संरक्षण के लिए दो करोड़ पौधारोपण किया जायेगा, जिसमें वन विभाग सहरसा में डेढ़ लाख पौधा रोपण किया जायेगा।
इस बार मुफ्त की योजना का दुरुपयोग होने की जानकारी होने पर वन विभाग ने बाजार से कम दर पर दस रुपये प्रति पौधा किसान को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया था। पहले की योजना पर बदलाव की अभी तक मंजूरी ने मिलने से महत्वपूर्ण योजना पर फिलहाल ग्रहण लग गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल कृषि वानिकी योजना के तहत मुफ्त में किसानों को जिले में करीब ढाई लाख पौधे उपलब्ध कराए गए थे।
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