Sat. Nov 16th, 2019

नेक्स्ट फ्यूचर

भविष्य की ओर अग्रसर

अब आसानी से पकड़ी जा सकेगी दूध में मिलावट

झुंझुनू,  जिले के पिलानी स्थित  केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीरी) के वैज्ञानिकों की ओर से दूध में मिलावट की जांच करने के लिए विकसित की गई तकनीक गुरुवार को एक निजी कम्पनी को स्थानांतरित कर दी गई। संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम में सीरी संस्थान के निदेशक डॉ. डीके असवाल एवं गुरुग्राम स्थित क्यूबॉयड आईओटेक कंपनी के अधिकारियों के साथ एक समझौते के तहत उक्त तकनीक कंपनी प्रतिनिधियों को सौंपी गई। कंपनी समझौते के तहत तकनीक के उपकरणों का निर्माण कर उपभोक्ताओं के लिए मुहैया करवाए जाएंगे।
गत वर्ष  केन्द्रीय इलेक्ट्रोनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीरी) पिलानी के वैज्ञानिकों ने फास्ट ट्रैक ट्रांसलेशन प्रोजेक्ट के तहत दूध की जांच के लिए ‘क्षीर स्कैनर’ नामक उपकरण का निर्माण किया था। यह उपकरण दूध में मिले नमक, यूरिया, कास्टिक सोडा, अमोनियम सल्फेट आदि की जांच करता है तथा मात्र 20 से 25 सेकंड में उपभोक्ताओं को मिलावट की जानकारी देता है। सीरी के वैज्ञानिको के अनुसार किसान के घर से निकलने के बाद विभिन्न माध्यमों से होता हुआ दूध उपभोक्ता तक पहुंचता है। ऐसे में किसी भी स्थान । पर मिलावट की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। इस तकनीक से दूध उत्पादन केन्द्र, दूध संग्रहण केन्द्र परिवहन आदि दूध सप्लाई केन्द्रों पर दूध जांच का उपकरण लगाया जाएगा। जिस में दूध में किसी स्तर पर मिलावट की गई है इस की जांच संभव हो सकेगी दूध में मिलावट करने वाले की पहचान करना भी आसान होगा। संस्थान के वैज्ञानिकों ने बताया कि क्षीर स्कैनर को 27 सितम्बर 2017 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्र को समर्पित किया था।
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