Thu. Oct 17th, 2019

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राम मंदिर से पहले अयोध्या में भरत मंदिर का हुआ भूमिपूजन

अयोध्या, । अयोध्या के पर्यटन स्थल भरतकुंड में भरत तपस्थली के स्थान पर  भरत मंदिर की आधारशिला रखी गई। वैदिक मंत्रोचार के साथ दशरथ महल बड़ा स्थान मंदिर के महंत बिंदुगाद्याचार्य और स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य के सानिध्य में अवध विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने भूमि पूजन किया।
अयोध्या मामले में चल रही सुनवाई अब अंतिम दौर में है। इस मामले में आगामी 17 अक्टूबर तक ही सुनवाई होनी है। इसके बाद कभी भी अयोध्या मामले में फैसला आ सकता है। राम मंदिर समर्थक संत धर्माचार्यों को पूरी उम्मीद है कि तथ्य एवं सबूतों के आधार पर फैसला राम मंदिर के हक में ही आने वाला है। महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य ने कहा कि जिस प्रकार 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या आने से पहले भगवान राम ने हनुमान जी के माध्यम से भरत जी को अपने आगमन का संदेश पहुंचाया था। उसी प्रकार राम मंदिर निर्माण से पूर्व भरत जी के मंदिर का भूमि पूजन इस बात का संकेत है कि शीघ्र ही भव्य राम मंदिर में रामलला विराजमान होने वाले हैं।
कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि भरत चरित्र अनुकरणीय है। अयोध्या में भरत जी के मंदिर से राम नगरी की गरिमा में वृद्धि होगी तो पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। भूमि पूजन कार्यक्रम के संयोजक राम भूषण दास कृपालु महाराज ने सभी संतों, धर्माचार्य अतिथियों का सम्मान किया तथा इस अवसर पर साधु संतों के अलावा स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
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