Wed. Oct 16th, 2019

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हनीट्रैप मामला: आरोपित श्वेता से नहीं मिल पाये उसके माता-पिता

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इंदौर, मध्यप्रदेश के हाईप्रोफाईल हनीट्रैप मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम पांचों आरोपित महिलाओं से किसी को भी नहीं मिलने दे रही है। रविवार को आरोपित श्वेता स्वप्निल जैन से मिलने के लिए उसके माता-पिता इंदौर पहुंचे थे, लेकिन उनकी अपनी बेटी से मुलाकात नहीं हो पाई और वे मायूस होकर वापस लौट गए। हाईप्रोफाईल मामला होने के कारण एसआईटी फूंक-फूंककर कदम रख रही है। यहां तक कि मीडिया को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है कि आरोपित महिलाओं को कहां रखा गया है और उन्हें कहां-कहां ले जाया जा रहा है।

आरोपित श्वेता स्वप्निल जैन के पिता विरेन्द्र सिंह रविवार को अपनी पत्नी के साथ इंदौर पहुंचे थे। उन्होंने यहां मीडिया से बातचीत में बताया कि वे सुबह अपनी बेटी से मिलने के लिए पलासिया थाने गए थे, लेकिन उन्हें वहां से महिला थाने भेज दिया गया। जब महिला थाने पहुंचे तो वहां भी उन्हें उनकी बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। इस संबंध में उन्होंने एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र को भी फोन लगाया था, लेकिन उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। इसीलिए वे निराश होकर वापस जयपुर लौट रहे हैं।

गौरतलब है कि पुलिस ने हनीट्रैप मामले की पांचों आरोपितों को रिमांड पर लिया हुआ है। इनमें से तीन आरोपित श्वेता स्वप्निल जैन, श्वेता विजय जैन और बरखा सोनी को अदालत ने 30 सितम्बर तक रिमांड पर पुलिस को सौंपा है, जबकि दो आरोपित आरती दयाल और मोनिका यादव एक अक्टूबर तक रिमांड पर है। एसआईटी सभी आरोपितों से लगातार पूछताछ कर रही है और उन्हें भोपाल, राजगढ़, छतरपुर, सागर समेत उन सभी ठिकानों पर ले जाकर पूछताछ रही है, जहां से उनका संबंध रहा है। शनिवार को एसआईटी की टीम सभी आरोपितों को आगे की जांच के लिए इंदौर से लेकर रवाना हुई थी, उसके बाद से किसी भी जानकारी नहीं है कि एसआईटी उन्हें कहां लेकर गई और उन्हें कहां रखा गया है। एसआईटी की टीम अपने साथ जब्त किये गए मोबाइल, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रानिक सामग्री भी लेकर गई है।

जानकारी मिली है कि हनीट्रैप में गिरफ्तार महिलाओं के जाल में फंसने वाले लोगों में भोपाल के चार व्यापारियों व उद्योगपतियों के नाम सामने आए हैं। ये सभी भाजपा नेताओं के समर्थक बताए जा रहे हैं। इनमें दो ज्वेलर्स, एक रेस्टोरेंट मालिक और एक उद्योगपति का नाम शामिल है। फिलहाल, एसआईटी की टीम इस मामले में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। इसके अलावा एसआईटी ने अपनी जांच में सहयोग के लिए जो ई-मेल आईडी सार्वजनिक की है, उस पर लोग लगातार सूचनाएं दे रहे हैं। एसआईटी को इस तरह की सूचनाओं के अब तक करीब सौ ई-मेल मिल चुके हैं। इनमें से हनीट्रैप से जुड़ी सूचनाओं के ई-मेल कम हैं और शहरों में देह व्यापार में लिप्त दूसरे गिरोहों की सूचनाएं ज्यादा भेजी जा रही हैं। एसआईटी इन सूचनाओं को संबंधित इकाइयों को भेज रहा है।

सत्ता के लिए महिलाओं का उपयोग होना नया नहीं: लक्ष्मण सिंह

वहीं, रविवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के भाई और चाचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह रविवार को इंदौर पहुंचे। इस दौरान मीडिया ने उनसे हनीट्रैप मामले को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि सत्ता पाने के लिए महिलाओं का उपयोग सदियों से होता रहा है। महिलाओं के कारण कई युद्ध हुए, महाभारत हुई। विश्वयुद्ध में महिलाओं का उपयोग हिटलर और चर्चिल द्वारा किया गया तो यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हनीट्रैप के जरिये कांट्रेक्ट हासिल किये जाएं, यह गलत है। उन्होंने भाजपा द्वारा मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर कहा कि एसआईटी की जांच होने दीजिए, इसके बाद अगर जांच से भाजपा संतुष्ट नहीं है तो सीबीआई की जांच भी करवा ली जाएगी।

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