Fri. Sep 13th, 2019

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मप्र : दिल्ली-मुम्बई रेलमार्ग बाधित, पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा शिवना का पानी

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– मालवा-निमांड अंचल में भारी बारिश का दौर जारी, कई ट्रेनें प्रभावित, भोपाल में निकली धूप
इंदौर/भोपाल,  मध्यप्रदेश में बीते चार दिनों से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार को पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश ने कुछ राहत दी है, लेकिन पश्चिमी मध्यप्रदेश के मालवा-निमांड अंचल में जोरदार बारिश हो रही है, जिसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं। इंदौर समेत आसपास के क्षेत्रों में सोमवार रात भारी बारिश हुई। रातभर हुई तेज बारिश से रतलाम स्टेशन पानी-पानी हो गया है और पटरियों पर पानी भर गया, जिससे दिल्ली-मुम्बई रेलमार्ग बाधित हो गया है। मंदसौर में शिवना नदी का पानी एक बार फिर पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में पहुंच गया है। इधर, मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।

मध्यप्रदेश में पिछले पांच दिनों से मानसून सक्रिय है, जिसके चलते लगातार जोरदार बारिश हो रही है। हालांकि मंगलवार को राजधानी भोपाल समेत पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश थम गई है, जिससे लोगों ने राहत की सांस की है। भोपाल में तो सुबह से ही धूप खिली हुई है और आसमान में घुमड़ रहे बादलों के बीच के सूर्यदेव के भी दर्शन हो रहे हैं, लेकिन पश्चिमी मध्यमप्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में भारी बारिश का दौर नितंरत जारी है। इंदौर में पिछले चार दिन से लगातार भारी बारिश हो रही है। मंगलवार को मालवा-निमांड अंचल में पानी बरस रहा है। रतलाम में भारी बारिश के चलते मंगलवार को सुबह शहर के निचले इलाकों समेत रेलवे स्टेशन और रेल ट्रैक पर पानी भर गया, जिसके चलते रेल यातायात बाधित हो गया। ट्रेक पर पानी भरने से जनता एक्सप्रेस को आउटर पर रोकना पड़ा। रेल ट्रैक पर पानी आने से मुंबई की तरफ से आने वाली ट्रेनें देरी से चल रही हैं। पुणे-इंदौर करीब डेढ़ घंटे और अवंतिका एक्सप्रेस दो घंटे लेट चल रही है। ओवरनाइट एक्सप्रेस करीब 3 घंटा  और दिल्ली सराय रोहिल्ला से बाया जयपुर आने वाली ट्रेन करीब 2 घंटा लेट चल रही है। इसके अलावा कोचुवेली एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है।

मंदसौर में बीती रात से शुरू हुआ भारी बारिश का दौर मंगलवार को भी जारी है, जिसके चलते शिवना नदी का जल स्तर बढ़ गया है और शिवना नदी मंदसौर के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर गई है। शिवना का पानी गर्भगृह में मूर्ति के नीचे के चार मुंखों से ऊपर पानी पहुंच गया है। भारी बारिश के चलते मंदसौर का गांधीसागर और कालाभाटा डैम लबालब भर गये हैं, जिसके चलते दोनों डैमों के गेट खोल दिये गये हैं। लगातार बारिश से गांधीसागर बांध का जल स्तर 1310 फीट तक पहुंचते ही बांध के तीन छोटे स्लूज गेट खोले गए हैं, जिससे 58095 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र जैसे राणाप्रताप सागर रावतभाटा, कोटा बैराज कोटा में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, कालाभाटा डैम के पांच गेट खोले गए हैं।

निमांड अंचल के खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर आदि जिलों में भी मंगलवार को बारी बारिश हो रही है, जिसके चलते इन क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बड़वाह में नर्मदा का जलस्तर पिछले दो दिन से 162.600 मीटर बना हुआ है, जो खतरे के निशान से एक मीटर कम है। महेश्वर में लगातार बारिश व ओंकारेश्वर बांध का पानी छोडऩे से नर्मदा का जलस्तर 144 मीटर है, जो यह सामान्य चार मीटर अधिक है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा बल लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। बुरहानपुर जिले में ताप्ती नदी पिछले 40 घंटे से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। उज्जैन में जीवाजी वेधशाला के मुताबिक पिछले 24 घंटे में शहर में 17 मिमी बारिश हुई है। शहर में अब तक 31.9 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि पिछले साल 26 अगस्त तक शहर में 28.9 इंच बारिश हुई थी।

मौसम विभाग द्वारा रतलाम, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, देवास, आगर, शाजापुर, इंदौर, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, रायसेन, राजगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी,  नरसिंहपुर, होशंगाबाद, हरदा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, सागर, गुना, श्योपुरकलां में आगामी 24 घंटे में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, छिंदवाड़ा,  जबलपुर, होशंगाबाद सहित प्रदेशभर में रिमझिम बारिश की संभावना जताई है।

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