Mon. Sep 9th, 2019

नेक्स्ट फ्यूचर

भविष्य की ओर अग्रसर

शांतिकुंज में युग सृजेता, युवा संयोजक कार्यशाला का समापन

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हरिद्वार, गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय राष्ट्रीय युग सृजेता-युवा संयोजक कार्यशाला का मंगलवार को समापन हो गया। इस शिविर में छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्यप्रदेश, बिहार, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर सहित 16 राज्यों के 410 जिलों के युवा संयोजक शामिल रहे। तीन दिन चले इस कार्यशाला में सैद्धांतिक व व्यावहारिक के कुल तेरह सत्र हुए, जिसमें प्रतिभागी युवाओं को युवा जागृति अभियान, रचनात्मक आंदोलन, संगठन की रीति-नीति व युवा अभियान, प्रशिक्षण व कार्ययोजना, नवीन तकनीक, करिष्ये वचनं तव आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गयी। वहीं युवा संयोजकों को प्रांतवार बनी कार्ययोजनाओं के लक्ष्य को पूरा करने के विविध उपायों सुझाये। साथ ही आने वाली संभावित समस्याओं के समाधान की भी जानकारी दी गयी।
प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि युवाओं में वायु की दिशा को मोड़ देने की क्षमता होती है। अपनी क्षमता को रचनात्मक दिशा देने से परिवार, समाज व राष्ट्र का विकास संभव है। उन्होंने युवाओं को स्वावलंबी बनने के विविध सूत्र बताये। प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि युवाओं को अपनी संकल्प शक्ति को सृजन की ओर लगन लगाना चाहिए, जिससे वे समाज को सभ्य, सुसंस्कृत व विकासशील बना सकें।
व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्र ने युवाओं को संगठित होकर कार्य करने पर बल दिया। वीरेश्वर उपाध्याय, डॉ. बृजमोहन गौड़, डॉ. ओपी शर्मा, कालीचरण शर्मा, केदार प्रसाद दुबे, सदानंद अंबेकर आदि संबोधित किया। शिविर में उप्र, गुजरात, दिल्ली आदि राज्यों के लिए विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर युवाओं को जुट जाने के लिए संकल्पित कराये गये। इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के स्वालोकम-स्वावलंबी लोकसेवी मण्डल योजना का शुभारंभ किया गया।
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