Wed. Aug 21st, 2019

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पटना नाव हादसा: नाव और एम्यूजमेंट पार्क के मालिक के खिलाफ FIR

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पटना के गंगा दियारा से पतंगोत्सव मना लौट रहे 70 लोगों से भरी एक नाव गंगा में समा गई। इस हादसे के बाद 20 लोगों के शव शनिवार शाम तक गंगा से निकाल लिए गए थे लेकिन 22 लोग लापता थे। रविवार सुबह एनडीआएफ टीम ने शवों को निकालने का अभियान दोबारा से शुरू किया। इस मामले में सोनपुर थाना में नाव मालिक और एम्यूज़मेट पार्क के मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।

रविवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने दोबारा से राहत कार्य शुरू किया जिसमें 4 शवों को निकाला गया है। अधिकारिक रूप से अभी तक 24 लोगों के मरने की पुष्टि की गई है।  सोनपुर सीओ के बयान पर मामला दर्ज किया गया है। सोनपुर एसडीपीओ ने बताया, पर्यटन विभाग ने दियारा में काइट फेस्टिवल और मेले का आयोजन बिना सोनपुर प्रशासन की अनुमति के किया। मेला लगाने वाले कॉन्ट्रक्टर राहुल वर्मा और नाव पर क्षमता से अधिक नाविक समेत कई अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया।

पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्ग मोदी ने मुआवजे का ऐलान किया है। पीएम ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार देने की घोषणा। आपको बता दें कि शनिवार को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर पर्यटन विकास निगम की ओर से गंगा दियारा में पतंगोत्सव की आयोजन किया गया था। जिसमें हजारों की तादाद में लोग पतंगोत्सव देखने गए थे।

शनिवार शाम करीब पौने छह बजे प्राइवेट नाव सबलपुर दियारा से एनआईटी घाट के लिए खुली। उस नाव की क्षमता 20 लोगों की थी लेकिन उस नाव में 70 लोग सवार हो गए। नाव करीब 15 से 20 मीटर ही आगे बढ़ी थी कि नाव मोटर अचानक बंद हो गई और नाव डूबने लगी। नाव को डूबता देख उसमें सवार लोगों में अफरातफरी मच गई। कुछ लोगों ने तैरकर अपनी जान बचा ली लेकिन 22 लोग अपनी जान नहीं बचा पाए और करीब 22 लोग अभी भी लापता है।
शनिवार रात तक 15 मृतकों की पहचान हो गई थी जबकि 7 शवों की शिनाख्त उस समय तक नहीं हुई थी।

क्षमता से ज्यादा लोग थे सवार
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो नाव पर क्षमता से काफी ज्यादा लोगों के सवार होने से यह हादसा हुआ। नाव जैसे ही किनारे से 15 मीटर आगे बढ़ी ज्यादा वजन होने के कारण गंगा की धारा में बैठ गई। कुछ लोगों का कहना था कि एक छेद था, जिसके कारण नाव में अचानक पानी भरने लगा।

घटना के बाद कोहराम मच गया और पीछे से आ रही नाव पर बैठे लोग चिल्लाने लगे। लोगों ने नाव पर से ही अधिकारियों को फोन लगाना शुरू किया। गंगा घाट पर चीत्कार मच गया और लॉ कॉलेज घाट पर खड़े लोग चिल्लाने लगे। सुरक्षा की कोई व्यवस्था न देखकर लोग प्रशासन को कोस रहे थे।

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